कुछ तो असर था मेरी उन बातोँ मेँ,
आज कुछ तो फर्क है हमारी इन मुलाकातोँ मेँ।
मैनेँ तो दिल मेँ थोडी सी पनाह माँगीँ थी,
तुमने खामोशी भर दी हमारी इन सासोँ मेँ ।।1।।
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आज मेरा दिल बस यही एक बात कहता है,
खता क्या हुई मुझसे बस इक बात पुछता है।
वो कहती है"मैनेँ सभी रिश्ते भुला दिये",
पर उनका दिल तो कोई और ही जुँबा कहता है।।2।।
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कुछ सहमेँ से, कुछ बिखरे से,हम उनको हर बार ये बताते है,
हम उनके दिल के हिस्से है, उनकी धडकन मेँ समाते है।
फिर क्योँ अपने दिल को वो हर बार चुप कराती है,
जब अनकहे ही उनकी बातेँ फिजाओँ मेँ गुँज जाती है ।।3।।
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उसके दिल के आँगन मेँ, मेरी यादोँ का दिया जब जलता है,
जौत की उस रोशनी मेँ संग संग वो भी मरता है।
फिर क्योँ वो जताती है,कि वो मुझको भुल गयी",
जब उसकी आँखोँ मेँ भी मेरा अक्स आंसूँ बनकर रहता है।।4।।
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हम हर उन राहोँ पर उनके संग संग चलते थे,
प्यारे जीवन के मीठे सपने पल पल मेँ तब सिमटे थे.
फिर क्योँ अब वो कहती है,ये राहेँ उसको पसंद नहीँ,
जब उसके पैरोँ के निशाँ अब भी उन राहोँ पर मिलते है।।5।।
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हम उनके कदमोँ का पीछा हर बार करते है,
बस मुलाकात कहीँ हो, ये दुआ हर बार करते है.
वो जान कर भी अनजान हर बार रहती है,
तब भी हम उनका जन्मोँ इंतजार किया करते है।।6।।
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यह जन्म तो अब युँही इस बार गुजर जाऐगा,
वादा रहा, अगले जन्म दिल तुम्हारा हो जाऐगा।
मेरे दिल मेँ जिस धडकन का नाम तुम हो,
वो दिल फिर एक दिन तुम्हारी रुह मेँ मिल जाऐगा।।7।।
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